गरीब

आगे आगे तेरा आना चलता है,
मेरा पिछड़ा हुआ जमाना चलता है।
शाक मांस के लजीज व्यंजन तुम खाते,
नमक मिर्च में मेरा खाना चलता है।
नए नए कपड़ों में गर्वित चलते तुम,
मेरे तन पर वस्त्र पुराना चलता है।
मेरा स्वेद बहाने के तुम अधिकारी,
हर दिन मेरा खून बहाना चलता है।
तेरे घर आँगन में गजब रौशनी है,
मेरे घर में दीप जलाना चलता है।
होली दीवाली जन्मदिन तुम्हारे हैं,
अपना केवल पेट चलाना चलता है।
मरकर भी तुम ज़िंदा रहते दुनिया में,
मेरा जीना या मर जाना चलता है।
आपकी कथा भिन्न सर्वथा होती है,
बहुत अलग मेरा अफसाना चलता है।

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