अ मेरे वतन

अ मेरे वतन, अ मेरे वतन

देते हैं हम तुझे वचन

करेंगे रक्षा तेरी

सिर पर बांधकर हम कफन

तु आबाद रहे, आजाद रहे

कर ऐसा जतन

अ मेरे वतन, अ मेरे वतन ।

 

राम तुझसे, रहीम तुझसे

तुझसे भगत और सुभाष

मर मिटे हम भी तेरे लिए

यही है तमन्ना, यही है आस

कर गुजरें कुछ तेरी खातिर

कर ऐसा जतन

अ मेरे वतन, अ मेरे वतन ।

 

ऋषि मुनियों की तु धरा है

सोने चांदी से तु भरा है

तभी सोने की चिडियाँ कहलाई

तेरे कोहिनूर की चमक ऐसी

सारी दुनिया पर छाई

बन फिर से सोने की चिडियाँ

कर ऐसा जतन

अ मेरे वतन, अ मेरे वतन ।

 

दिल्ली का तख्तोताज देखा तुने

देखी अंग्रेजो की मनमानी

भगत सिहं को फांसी चढते देखा

देखी तुने झांसी की रानी

अब हम दुनिया पर राज करें

कर ऐसा जतन

अ मेरे वतन, अ मेरे वतन ।

 

ये हिमालय खडा तेरी इक पहचान

समुद्र करे तुझे हर रोज प्रणाम

कल-कल नदियाँ तेरा गुणगान

मेरा भारत महान, मेरा भारत महान

महान बना रहे तु हमेशा

कर ऐसा जतन

अ मेरे वतन, अ मेरे वतन ।

 

तुने राम को खिलाया

तुने कृष्ण को झुलाया

राजा दुष्यन्त ने ऐसा पुत्र जना

तु भरत से भारत कहलाया

तुने सारे जग को अक्षर ज्ञान सिखाया

तभी दुनिया का गुरु कहलाया

गुरु फिर से बन

कर ऐसा जतन

अ मेरे वतन, अ मेरे वतन ।

 

छ्ह ऋतुऐं तुझमें समाई

रहता हमेशा मौसम बहार

अनुठी तेरी संस्कृति, सर्वधर्म सदाचार

क्या हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई

हर जन रहता आपस में भाई-भाई

बना रहे ये भाईचारा

कर ऐसा जतन

अ मेरे वतन, अ मेरे वतन ।

 

इतिहास तेरा सबसे पुराना

देखा तुने बडा-बडा नजराना

भीम देखा, अर्जुन देखा

देखे कर्ण सरीखे दानी

तभी तो सारी दुनिया कहती

तेरी अमर कहानी, तेरी अमर कहानी

फिर से ला उन महापुरुषों को

कर ऐसा जतन

अ मेरे वतन, अ मेरे वतन ।

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