मंडेर

मंडेर से तेरा वो झाकना याद आता है

चहक की बुरसट और गुलाबी सूट याद आता है

रोका था तुझे एक बार अपने अँधेरे वाले घर में

तेरे होंटो का सुर्ख रंग याद आता है

मंडेर से तेरा वो झाकना याद आता है

ताक मैं बैठा रहता था तेरी वो धुंदला सा तेरा नज़र आना याद आता है

भरी दोपहरी में तेरी गली के चक्कर लगाना याद आता है…कम्बख्त

तारे तो मेरी छत पे बंधे थे तागो से पर तेरी छत वाला सितारा याद आता है

मंडेर से तेरा वो झाकना याद आता है

करना चाहता था बयान अपनी महोबत वो तेरा ख़ामोश रहना याद आता है

सुना है किसी और को भी दिया था दिल तूने अपना एक वो ज़माना याद आता है

लहू उतर आता है आँखों में मेरी जब मुझे तेरा उसके घर जाना याद आता है

मंडेर से तेरा वो झाकना याद आता है बंजारा

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