दिलवर

 

काम कितना भी कठिन हो़,
मन‌‌ुज जो चाह दे!
पथपर पड़े काँटे जटिल,
पल भर मे ढाह दे ।
दुनिया दागी गमगीन ,
जि़न्दा दिलवर लादे ।।
है कोई इन्सा जहाँ मे,
मुहब्बत की गीत सुना दे॥
दिल पे पत्थर रख बैठेजहाँ,
महौल खुशनुमा बनादे।
शहर आइना निहार बैठा,
कोई तो चिराग जलादे ।
शान्ति बीरान हुई जुल्म बहुत,
यारी पक्क़ी करा दे ।
सूख गई स्याह गुलशन की,
महफिल का रंग जमा दे?॥

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