बाजारू होली

दान-दच्छिणा ले लेने दो,
चंदन-टीका कर लेने दो।
मन था फीका फट लेने दो,
होलीबोली कह लेने दो ।।
हल्ला-गुल्रला कर लेने दो,
भला बुरा कह लेने दो ।
खुल्लम-खुल्ला कर लेने दो,
होली बोली कह लेने दो ।।
वदन ढका है खुलजाने दो,
भरा पसीना ब।वह जाने दो ।
अल्लहड़ भोदु बन जाने दो,
होली बोली कह लेने दो ।।
सूनी संस्कृति सल जाने दो,
दिल दर्दभरा वह जाने दो ।
नन्हीं संस्कृति पल जाने दो,
होली बोली कह लेने दो ।।

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