होली की बोली

होली आई कह लेने दो, भरी जवानी सी जीने दो।
जख्म बहुत है भर लेने दो, होली आई कह लेने दो।
नव वर्ष हमे जी लेने दो, सपना-अपना सह लेने दो।
अपना- अपना कर लेने दो,होली आई—–।।
जितना चाहूं लिख लेने दो, घृणा तृष्णा कर लेने दो।
नयी जवानी वह लेने दो,होली आई——-।।
उलटा सीधा कर लेने दो,अभी समय है सह लेने दो।
चहना बहना कर लेने दो,परहित करता कर लेने दो।
कूड़ा कचरा ढह लेने दो,गारी मारी कर लेने दो।
होली आई सह लेने दो,फूहर पातर कह लेने दो।
भांग धतूरा पी लेने दो, भरा मैल मन ढह लेने दो।
होली आई——–।।
मन की तन की कर लेने दो,गले-गले अब मिल लेने दो।
अभी समय रंग लेने दो,होली आई कर लेने दो।।

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