कालीदह (सोहर)

 

गंगा जमुनवा कै बिच तरुखवा कदम के,
बहिनी कहै तोरे ठाढे श्री कृष्ण त गेंदवा उडैलै न!
उछ्डै ला गेंदवा आकाशे जाला अउर पाताले जाला?
श्री कृष्ण जी कूदेलै कालीदह गेंदवा के कारण!
नाग सुतेला नागिन जागैले बेनिया डोलावै ले!
श्री कृष्ण कवर धइलै ठाढ नागिन हस पुछैले!
केकर हउआ बालक केकर दुलारल!
बाबू कहवा तोहार बसों बास कहवा तोही जाला ।
जसोदा के है हम बालक नन्द कै दुलारल!
नागिन मथुरा में हमार बसों बास जाइला गृह गोकुल ।
घूमी जाओ ए बाबू घूमी जाओ जाओ घूमी के घर जाओ!
बाबू नाग छोड़ीहै फुफकार संवर होई जाबा ।
नागह के हम नाथब नाग पीठ फूल लादब!
नागिन नाग फन पर होइबै अब सवार जाइब गृह गोकुल ।
नागिन बिनती से बोलै दसो नह जोड़ के!
बाबू बकसौ मोरि यहवात यशोधरा जी के बालक |

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  1. Sukhmangal Singh sukhmangal 03/03/2015

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