कर ली दोस्ती

रोशनी जब हमसे हटाली दोस्ती,

हमने अँधियारे से करली दोस्ती

 

मिला न कोई जिंदगी मे हमसफर,

ह्मने तन्हाई से कर ली दोस्ती

 

खवाहिश न हक़ीकत मे जब बदल सकी,

तो किले-हवाई से करली दोस्ती

 

पेश वो साज़िश से जब आने लगे,

ह्मने भी बे-मन से करली दोस्ती

 

रिस्त-ए-मोहब्बत निभाने के लिए,

हमने वफाई से करली दोस्ती

 

भाव बढते आसमा छूने लगे,

ह्मने महंगई से कर ली दोस्ती

 

यूँ इश्क़ की चर्चा ‘वीशेष’ होने लगी,

ह्मने रूसवाई से कर ली दोस्ती

 

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