दीपावली

दीपावली

 

पिता दशरथ को दिया वचन पूरा निभाया , 14 वर्ष का वनवास बिताया ।

श्री राम के वापस आगमन पर , पूरा अयोध्या प्रकाश से नहाया ।।

घर घर मे   जलती हैं  बल्बों की लड़ियाँ ,

छोटे बड़ो , सब के हाथों मे अति सुंदर लगती हैं फुलझड़ियाँ ।।

 

हर घर में दिखती है देखो कैसी खुशहाली,

सम्पूर्ण भारत में मनाई जाती जब दिवाली  ।।

आतिश बाजी  से जब सरोबर हो जाता है  आकाश ,

सारे शहर को रोमांचित कर देता है दीपावली का प्रकाश ।।

 

घर -घर में छुटाये जाते हैं पटाखे और जलते हैं अनार ,

देखो कितना उज्जवल लगता है दीपावली का त्योहार ।।

बच्चों की टोली छूटा  रही है अटम बम ,

एक दूजे से कह रहा है मेरा पटाखा नहीं तुझ से कम ।।

 

बाजार में डिस्काउंट की आ गयी बहार,

ढेर सारी ख़रीदारी कर लो यह मौका नहीं आता बार बार ।।

 

 

सावधानी से खेलना इतनी है हमारी अपेक्षा,

दीवाल enjoy करते वक़्त , सर्वोपरि है अपनी सुरक्षा ।।

पटाखे अवश्य  छुटाना और दिवाली को करना पूरा enjoy,

क्योंकि इस त्योहार को मनाने में ही है love and joy.

 

 

दीपावली

 

पिता दशरथ को दिया वचन पूरा निभाया , 14 वर्ष का वनवास बिताया ।

श्री राम के वापस आगमन पर , पूरा अयोध्या प्रकाश से नहाया ।।

घर घर मे   जलती हैं  बल्बों की लड़ियाँ ,

छोटे बड़ो , सब के हाथों मे अति सुंदर लगती हैं फुलझड़ियाँ ।।

 

हर घर में दिखती है देखो कैसी खुशहाली,

सम्पूर्ण भारत में मनाई जाती जब दिवाली  ।।

आतिश बाजी  से जब सरोबर हो जाता है  आकाश ,

सारे शहर को रोमांचित कर देता है दीपावली का प्रकाश ।।

 

घर -घर में छुटाये जाते हैं पटाखे और जलते हैं अनार ,

देखो कितना उज्जवल लगता है दीपावली का त्योहार ।।

बच्चों की टोली छूटा  रही है अटम बम ,

एक दूजे से कह रहा है मेरा पटाखा नहीं तुझ से कम ।।

 

बाजार में डिस्काउंट की आ गयी बहार,

ढेर सारी ख़रीदारी कर लो यह मौका नहीं आता बार बार ।।

 

 

सावधानी से खेलना इतनी है हमारी अपेक्षा,

दीवाल enjoy करते वक़्त , सर्वोपरि है अपनी सुरक्षा ।।

पटाखे अवश्य  छुटाना और दिवाली को करना पूरा enjoy,

क्योंकि इस त्योहार को मनाने में ही है love and joy.

 

 

One Response

  1. Dr Jai 03/11/2013

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