ढोंग

ढोंग

 

बरस कर हिमालय में

करता है ढोंग

पूर्व प्लावित पर

लाता है बाढ

दिखाता है सामर्थ्य ?

है हिम्मत

तो ए बादल !

बिखर रेगिस्तान में

बहा नदियाँ, भर पोखर

पता चले तेरी औकात का।

 

 

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