अजब खेल निराला है जिन्दगी का

कुछ रिश्ते जिन्दगी मे जाते हैं आने को,
कुछ रिश्ते जिन्दगी मे जिन्दगी मे आते हैं जाने को !!

कुछ सपने सच होते हैं टूटने को,
कुछ सपने टूटते हैं सच होने को !!

कुछ राही मिलते हैं बिछडने को,
कुछ राही बिछडते हैं मिलने को !!

अजब खेल निराला है जिन्दगी का,
दिल धडकता है बन्द होने को, और बन्द होता है धडकने को !!

26 Oct 2013

One Response

  1. सुनील लोहमरोड़ Sunil 23/01/2014

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