ओ रे भैया ,,,

  1. ओ रे भैया ,,,

    ओ रे भैया हमरे खेवैया ,
    हमरे को तुम संग कृष्ण दिखा दे .
    नैया हमरी डूब गयी है,
    तुम संग नदिया पार करा दे.
    आंसू भरे पलकों ने ये न माना,
    हमरे ही दिल ने हमे न जाना.
    संग हमरा सब छोर गए हैं,
    करके हमे दुनिया से बेगाने.
    ओ रे भैया हमरे खेवैया ,
    टूटे इस दिल को, तू लादे सहारे.
    क्यों डोर सांस की टूट रही है,
    क्यों राह भी हमसे रूठ रही है,
    ओ री हमरी धरती मैया,
    हम प्यासे को तू पानी पिलादे .
    ओ रे भैया हमरे खेवैया ,
    हमरे को तुम संग कृष्णा दिखा दे .
    सुख की घडी अब टूट गयी है ,
    मंजील अब हमसे रूठ गयी है ,
    हम तो खड़े है द्वार तोहारे ,
    जाके प्रभु को ये बात बता दे.
    ओ रे भैया हमरे खेवैया ,
    हमरे को तुम संग कृष्णा दिखा दे .

  2. nitesh singh(kumar aditya)

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