इन्द्रधनुष के रंग सजाने तो दो

तुफानों से आँख मिलाने तो दो I
गमे दरिया पार हो जाने तो दो I
फिर करेंगे बयां हकीकत तुम्हे,
पहले कोई कहानी बनाने तो दो II

संभलने को कहते हो तुम सदा,
पहले हमें ये होश गवाने तो दो I
शाखों से पत्तियां तोड़ लूँ कैसे,
गुलशन में बहार आने तो दो II

हुस्न को ज़रा घबराने तो दो I
सुरूर ए मोहब्बत छाने तो दो I
दीदार की तमन्ना भी होगी पूरी,
रुख से ज़रा नकाब हटाने तो दो II

बादल को झूम कर आने तो दो I
चाँद को भी जरा शर्माने तो दो I
तुम्हारा दर्द महसूस कैसे करूँ,
अंगारों में हाथ जलाने तो दो II

छीन लेना हंसी लबों से मेरे,
पहले मुझे मुस्कुराने तो दो I
सुकूं मिलेगा त़ा उम्र तुम्हे,
बड़ों का आशीर्वाद पाने तो दो II

जाम से जाम टकराने तो दो I
महफ़िल में रंग जमाने तो दो I
नए भी बन जायेंगे दोस्त मगर,
रूठों को पहले मनाने तो दो II

बनेगी नई सरकार नेताजी पर,
जनता को भरोसा दिलाने तो दो I
वर्ना कह दोगे फिर बेवफा हमें,
जो किये हैं वादे निभाने तो दो II

कैसे मान लूँ उन्हें बैरी मैं अपना,
दोस्तों को खंजर उठाने तो दो I
असली चेहरा आएगा सामने,
चेहेरे से मुखौटा हटाने तो दो II

कागज़ की नाव चलाने तो दो I
अंखियों में घर बसाने तो दो I
भरोसा तो करो जरा माझी पर,
भंवर से उसे बचाने तो दो II

यह दुनिया बड़ी ही खूबसूरत है,
इन्द्रधनुष के रंग सजाने तो दो I
कृष्ण भी है देखो कितने आतुर,
सुदामा को मिलने आने तो दो II
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सर्वाधिकार सुरक्षित — त्रुटि क्षमा हेतु प्रार्थी — गुरचरन मेहता

 

3 Comments

    • wasef 28/10/2013
  1. Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 25/10/2013

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