शेर

उनकी आह की आहट से पहले ही हम आह भरते हैं |
वो खुश हो या खफा हम तो इश्क करनें का गुनाह करते हैं ||

नजर से नजर मिली तो नजर का नजारा बदल गया |
दिल से दिल मिले तो दिलों का इशारा बदल गया ||

दिल की बात छोड़ कर दुनिया की बात करतें हैं |
प्यार से खफा हुए नफरत से प्यार करतें हैं ||

मोहब्बत को करके दुनियाँ से डरके |
वो हमसे तो सरके मगर फिर भी करके ||

बिना हवा के ही गुल का गुलशन महकता है |
सितारे लाख हैं ,दिन में तो सूरज ही चमकता है ||

नजर से मिली नजर फिर भी नजरिया न मिला |
तैरने वाले तैराकों को कोई दरिया न मिला ||

उनसे मिली नजर तो उनको नजर लग गयी |
हमने उतारी नजर तो उनकी नजर झुक गयी ||

आँखों की नजर से नहीं हम दिल की नजर से प्यार करते हैं |
वो दिखें या न दिखें फिर भी हम उनका दीदार करते हैं ||

हमनें तो समां जलाना आसमाँ में चाहा था |
आसमाँ भी क्या करे वहाँ फुहार का फाहा था ||

खता तुम्हारी नहीं किस्मत ही मेरी रूठी है |
आपके दिल में जगह नहीं और मेरी भी छत टूटी है ||

देनें वाले आँशुओं के शबनम नहीं समंदर दे दे |
गर नहीं बचा हो कुछ तो गमों का ही मुकद्दर दे दे ||

गर्दिशे महफिल में गर्दिशे ख़ुदा से मेरी मुलाक़ात हो गयी |
गम के नशे में गम को ही दिल में बसाने की बात हो गयी ||

अगर जुनून में आये तो हर बात बता देंगें |
वो क्या हैं उनके फरिश्तों को भी औकात बता देंगें ||

दुनियाँ के तख़्त और तालीम की अब मुझे दरकार नहीं |
हुस्न की मलिका हो अदाओं की परी हो लेकिन हो पर्वरदिगार नहीं ||

बर्फ गलनें के बाद फिर पानीं बनती है |
इश्क कर जो मरे तो कहानी बनती है ||

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  1. Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 24/10/2013

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