मुझे एक शाम सिंदूरी दे दो ……

मैंने कई बार चाहा की तुमसे कहूँ
मुझे एक शाम सिंदूरी दे दो ……!

मैं थक चूका हूँ, टुकडो में जीते हुए,
मुझे एक जिंदगी पूरी दे दो ….!

आँखों में छुपा लू मन में बसा लू,
मेरे मन को यादों की मयूरी दे दो …!

है अगर कोई बंधन तो मुझसे कहो,
काट डालू मैं वो बंधन, मुझे सिर्फ मंजूरी दे दो….. !

तुम्हारे पास हूँ, और मैं भटक रहा हूँ,
तुम मुझे मेरी कस्तूरी दे दो ….!!

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