चाचा नेहरु की कहानी

चाचा नेहरु की कहानी,

सब को लगाती बड़ी सुहानी,

इसको कहते नाना-नानी,

दुनिया थी इनकी दीवानी..चाचा

बचपन बीता खेल में,

जवानी बीती जेल में ,

जीवन बदला गाँधी ने,

देश की दासता थी मिटानी..चाचा

जहाँ-जहाँ वे कदम बढ़ाते,

नए सपने लेकर जाते,

जयहिंद का नारा लगाते,

देश की ताकत थी बढ़ानी..चाचा

राष्ट्र एक बगीचा हो,

खिलते हुए गुलाब हों ,

बच्चों की मुस्कान हो,

उनके मन ने थी ठानी..चाचा

सब में भाई चारा हो,

देश बने न्यारा हो,

बाल-दिवस सब को प्यारा हो,

उनकी बातें नहीं भुलानी..चाचा

शान्तिवन की समाधी है कह रही,

अमन का सन्देश है दे रही,

आओ सुमन अर्पित करें,

उनकी कुर्बानी नहीं भुलानी || ..चाचा

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