बालदिवस फिर आ गया

लो चौदह नवम्बर आ गया,चाचा नेहरु की याद दिला गया,

बच्चों का मनभावन,बालदिवस फिर आ गया,

सिर पर टोपी,अचकन में गुलाब समा गया,

मोती का वह लाडला,लोगों को लुभा गया,

गांधीजी की आवाज़ ने,देश भक्त बना दिया,

अपना सब कुछ भूल कर,वतन पर लुटा दिया,

देश को आज़ाद करा दिया,जनता ने नेता बना दिया,

लाल किले पर झंडा लहरा दिया,जयहिंद का नारा लगा दिया,

भारत हो शिखर पर,ऐसा मंत्र बना दिया,

अमन की सब भाषा बोंलें,वैसा पाठ पढ़ा दिया,

आसमान में तारा देखो,कैसा टिमटिमा रहा,

सदियों तक ना भूलेगी, उनकी यह दास्ताँ……

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