तुम हमें याद करना छोड़ न देना

मिश्री सी सदा तुम बनी रहना,
कडवी बातें कहीं बोल न देना I
हम तुम्हें याद करते हैं दिल से,
तुम हमें याद करना छोड़ न देना II

जब हमें याद करने से :

गीत नया कोई बन जाए
मन रंगों से सन जाए
अंतर में शांति हो जाए
और दूर भ्रान्ति हो जाए
तो रखना खुशी संभाल तुम
दिल किसी का तोड़ न देना
हम तुम्हें याद करते हैं दिल से
तुम हमें याद करना छोड़ न देना I

जब हमें याद करने से :

मन पुलकित पुलिकत हो जाये
भाव अवतरित हो जाए
उत्पन्न हो कोई नया विचार
सुन्दर लगे यह संसार
तो सब कुछ नया एकत्र करना
नकारात्मक सोच से जोड़ न देना
हम तुम्हें याद करते हैं दिल से
तुम हमें याद करना छोड़ न देना II

जब हमें याद करने से :

चेतना का नया आभास हो
मन में गहरा विशवास हो
आत्मा का गहन विकास हो
कडवाहट में कुछ मिठास हो
तो प्रेम का झरना बहने देना
सावन को कहीं सिकोड़ न देना
हम तुम्हें याद करते हैं दिल से
तुम हमें याद करना छोड़ न देना II

जब हमें याद करने से :

आँख तुम्हारी नम हो जाए
दुःख तुम्हारा कम हो जाए
चहरे पर ख़ुशी कोई छा जाए
मुस्कान लबों पर आ जाए
जिस राह पर मिले सुकूं तुम्हें
उसे राह को नया मोड़ न देना
हम तुम्हें याद करते हैं दिल से
तुम हमें याद करना छोड़ न देना II
तुम हमें याद करना छोड़ न देना II
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सर्वाधिकार सुरक्षित—-त्रुटी हेतु क्षमा प्रार्थी—-गुरचरन मेहता

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