तुने ये मोहब्बत बनायी क्यु है?

या खुदा तुने ये मोहब्बत बनायी क्यु है,

गर बनायी है तो मोहब्बत मे जुदायी क्यु है,

इस जुदायी का कोइ अजांम तो हो,

फिर मिलने कि आशा या कोइ पैगाम तो हो,

उससे मिलने कि ख्वाइश इस कदर छा जाये,

मै मिलने कि कोशिश करु वो मेरे पास आ जाये,

या खुदा तुने ये मोहब्बत बनायी क्यु है,

गर बनायी है तो मोहब्बत मे जुदायी क्यु है,

ना आये पास मेरे वो तो कोइ गम ना होगा,

खुदा तु ये तब समझेगा जब तेरे पास तेरा हमदम ना होगा,

बस चले मेरा तो मोहब्बत आशिको के नाम कर दु,

दिल से उनके गम निकाल कर , बदले मे खुशि तमाम कर दु,

लेकिन मै जानता हु तु ये कभी भी ना होने देगा,

टूटॅ दिल के तुकडो ना तु कभी भी जुडने देगा,

फरियाद ना करुगा अब तु भी मेरी धमकि सुन लेना,

मर गया मोहब्बत मे तो तुझे होगा सारे सवालो के जवाब देना……

तुझे होगा सारे सवालो के जवाब देना……