घोड़े पर चढ़ना ,हाथी पर चढ़ना .

घोड़े पर चढ़ना ,हाथी पर चढ़ना ,
मगर यार मेरे किसी के नज़र पे न चढ़ना,

प्यार करना किसी को तो खूब डूब के करना ,
मगर दोस्त मेरे, हद से आगे न गुजरना
.
दुनिया को समझना हो तो आदमी को पढ़ना,
और आदमी को पढ़ना हो तो किताबों को पढ़ना.

बुजुर्गों ने कहा है, ये दुनिया है फानी ,
आ के यहाँ फिर बेमतलब का क्यू अकड़ना.

मुसाफिरखाना है दुनिया ये सब जानते है,
लगा रहेगा यहाँ मिलना और बिछुड़ना .

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