हम मरना चाहते तो है

हम मरना चाहते तो है ,मगर उनकी नहीं मर्जी |
मुझे बर्बाद करनें की खुदा से लग चुकी अर्जी ||

तमन्ना है जो उनकी ये तो हम बर्बाद भी होंगें |
लुटेरे है वो खुशियों के तो खुशियों को लुटा देंगें ||
सितमगर हुस्न गर उनका सितम सारे ही झेलेंगे |
सिलेंगें हम फटे दिल को हम भी दिल के है दर्जी ||
हम मरना चाहते…………………………. लग चुकी अर्जी ||

नजर के तीर से उनके जिगर में घाव कितनें हैं |
गिने जाते सितारे क्या ? मेरे भी घाव उतने है ||
हमारी नजर में तो आज भी वो मेरे अपने हैं |
नजर मारी अगर उन ने तो उनकी है ये खुदगर्जी ||
हम मरना चाहते…………………………. लग चुकी अर्जी ||

खुदा उनको हिफाजत दे हुस्न में ऐसी बरकत दे |
सिकंदर हुस्न के वो हो ,मुझे ऐसी इबादत दे ||
वो कातिल है मेरे दिल के दिल तू उनको इज्जत दे |
प्यार तूने किया ऐ दिल प्यार तेरा नहीं फर्जी ||
हम मरना चाहते…………………………. लग चुकी अर्जी ||

4 Comments

  1. Ajay Kumar Ajay Kumar 15/10/2013
  2. Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 17/10/2013

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