“जिन्दगी का गीत”

race

मुश्किलें हैं रास्तों में आज इनसे होड़ ले.
जिन्दगी भी रेस है तू दम लगा के दौड़ ले.

मंजिलें अलग-अलग हैं रास्ते जुदा-जुदा,
गर तू पीछे रह गया तो साथ देगा क्या खुदा,
हिम्मतों से काम लेके रुख हवा का मोड़ ले.
जिन्दगी भी रेस है तू दम लगा के दौड़ ले.

मुश्किलें हैं रास्तों में आज इनसे होड़ ले…………….

हाथ-पांव साथ देंगें रोज इम्तेहान दे,
उड़ चलेगा हौसले बुलंद रख के ध्यान दे,
चमचमाते तारे आज आसमां से तोड़ ले.
जिन्दगी भी रेस है तू दम लगा के दौड़ ले……………

मुश्किलें हैं रास्तों में आज इनसे होड़ ले…………….

–इं० अम्बरीष श्रीवास्तव  ‘अम्बर’

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