श्री गणेश स्तुति हरिगीतिका

शिवशैलजासुत पूज्य प्रथमं मोक्षज्ञानप्रदायकं.
गुरुगजबदन गणपतिगजानन विध्ननाशविनायकं.
शुभ वंदनं प्रभु पाशधारी अस्त्र अंकुशशोभितं,
नत नमन ‘अम्बर’ एकदंतं सिद्धिबुद्धिसुमोहितं ||
–इं० अम्बरीष श्रीवास्तव ‘अम्बर'(ऋद्धि, सिद्धि व बुद्धि : गणेश जी की पत्नियाँ)

 

Leave a Reply