दिल को दुःख हुआ

आज दिल को बहुत दुःख हुआ ,

जब पल्क़े भीगोता वो जलता धुआ,
कुछ ने कहा मै धुल हू , कुछ ने मुझे चलता किया,
कुछ ने खबर भिजवा दिया ,और श्राद्ध मेरा करा दिया.

आज दिल को बहुत दुःख हुआ ,
जब सबने मुझे भुला दिया ,
कल तक मुझे अपना कहा ,आज देहलीज पार करा दिया ,
कुछ ने मुझे मार दिया और अस्थी मेरी बहा दिया .

आज दिल को बहुत दुःख हुआ,
जब सबने मुझे सस्ता किया ,
कुछ ने कहा मै झूठ हू ,कुछ ने अछूत बना दिया ,
कुछ ने नजर से उतार दिया ,और रास्ता मेरा जला दिया.

आज दिल को भट दुःख हुआ ,
जब लौटा दी किसीने मेरी दुआ ,
कुछ ने कहा मै श्राप हू ,कुछ ने पाप बना दिया ,
मेरी दर्पण छीन के सबने, अपनी दर्पण दिखला दिया.

आज दिल को बहुत दुःख हुआ ,
जब पलके भीगोता वो जलता धुआ.

nitesh singh (kumar aditya)

Leave a Reply