यहाँ न कुछ तेरा है न मेरा है

जो आज यहाँ पर आता है
वह कल वापस फिर जाता है
क्यों चिल्लाते हो यह मेरा है
जो कुछ भी मिला न तेरा है
समझो नही हरदम सबेरा है
सुरज ढल जाए तो अँधेरा है
लोभ मोह बस एक लुटेरा है
काम क्रोध एक सपेरा है
यहाँ न कुछ तेरा है न मेरा है
हर तरफ दल दल और  अँधेरा है
हरि पौडेल
नेदरलैंड्स

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  1. nitesh singh nitesh singh 10/10/2013

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