दीवाली आई

-:: दीवाली आई ::-

आई आई दीवाली आई,
चारों ओर खुशियों छाँई ।
हर कोई करे घर सफाई ,
साथ ही होवे घर की रंगाई ॥
आई आई दीवाली आई….1.

घर-घर जले तेल के दीये,
बच्चे दौङे पटाखे लिये ।
मां बनाए रसोई में मिठाई ,
बच्चों के मन में बस मिठाई-मिठाई ॥
आई आई दीवाली आई…. 2.

हर सदन में होती लक्ष्मी पूजन ,
हर मुँख से आती लक्ष्मी गूंजन ।
मन्दिर में होती आरती देवों की ,
बच्‍चें कहते आरती करो मां लक्ष्मीजी की ॥
आई आई दीवाली आई…. 3.

आकाश में होती पटाखों की गूंजन ,
सदनों में होती आरतियों की गूंजन ।
सभी लोग घर को लौटे धन्धे से ,
मनाई दीवाली अपनों ने खुशी से ॥
आई आई दीवाली आई…. 4.

सभी ने मिलकर पटाखें फोङे खुब,
किसी ने रॉकेट तो किसी ने टू बम्ब ।
हिन्दूओं का पर्व है यह चमकीला ,
बहुत ही सुनहरा बहुत ही रंगीला ॥
आई आई दीवाली आई…. 5.

सुबह होते ही सींग रंगी गायों की ,
यही है रीति दीवाली के बाद की ।
बच्चें कहते लक्ष्मी रानी से ,
अगली साल लौट के आना जल्दी से ॥
आई आई दीवाली आई…. 6.

लगता है मुझको कविता है अधुरी ,
अगली साल लिखुंगा इसे पूरी ।
आपको लगे यह कविता प्यारी ,
कविता है ‘नरेश’ की सबसे न्यारी ॥
आई आई दीवाली आई…. 7.

-:-:-::— कवि नरेश पटेल
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