आज दिल को…..

आज  दिल  को  किसी  की  याद  है  आई , रौशनी   जो  चाँद  से  है  शरमाई ,

उनका  भी   था   शर्मना   कुछ   इस   कदर , जो आज  शायरी  ने भी  ली  है  अंगडाई  |

महफ़िलो  में  चरचाए  होते   सुना , अर्ज  होते  ग़जलों  को  बुना ,

कुछ  यु  हसीं  था  उस  चाँद  का  दीदार ,जो  चर्चाओं  में  ही  उनकी  घजले  थी  समाई | 

तस्वीरो   में  तकदीरो  को  कैद  कर , हर  वक़्त  उन्हें  रोते  देखा,

उन  गहरी  नजरों  में  भी  थी कुछ   नमी ,जो  आज  मौसम  की  भी  आँख  है  भर  आई  | 

आसां  ना   था  वो  सफ़र  अपना , जो  वक़्त  ने  किया   य़ू  सितम ,

वो  लम्हा  ही  था  कुछ    हसीं  ,जो  वक़्त  ने  ही  उनकी  याद है   अचानक  लायी |

nitesh singh(kumar aditya)

2 Comments

  1. Rinki Raut Rinki Raut 21/10/2013
    • nitesh banafer nitesh singh 28/02/2014

Leave a Reply