खौफ की दरिया बहे

खौफ की दरिया बहे घन घमंड की हुंकार हो |
प्रलयकारिणी बाढ़ आये तूफान हाहाकार हो ||
मझधार बीचोबीच में हो शैल खंडो की वक्रता |
माझी उस पार होता है जो हाथमें ख़ुदा की पतवार हो ||

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  1. mukesh bajpai 06/10/2013

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