बन जाओ और मत पाओ

शायर की दुआ तुमको हुस्न सरताज बन जाओ |
प्यारी है बुलंदी जो महल -ए -ताज बन जाओ ||
पुरानी बात तेरी याद से हम भी तो जी लेंगें |
खिलो इतना की सारे गुलशनों के नाज बन जाओ ||

दिलों पर राज हो तेरा तुम ऐसे राज बन जाओ |
वजीरों और सुल्तानों के महराज बन जाओ ||
शौक पूरे तुम्हारे हों भले वो शौक कैसे हों |
शिकारी शौक जो जागे ,तो पंछी बाज बन जाओ ||

शायर की ये ख्वाहिश है कभी दिल दर्द मत पाओ |
सोने के तुम आदी हों दर्द जगनें का मत पाओ ||
समन्दर शांत है लेकिन पीर गंभीर है उसकी |
सुनामीं पीर सागर की वो सागर पीर मत पाओ ||

नजर नजराना पा जाओ नजर का जख्म मत पाओ |
प्यार शुकराना पा जाओ प्यार का दर्द मत पाओ ||
नजर का खेल है तीर आखों से चल जाते |
नजर का प्यार पा जाओ नजर पर तीर मत पाओ ||

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