कर्म का लेख मिटे ना रे भाई – चंडी पूजा (1957)

कोई लाख करे चतुराई कर्म का लेख मिटे ना रे भाई
कर्म का लेख मिटे ना रे भाई
ज़रा समझो इसकी सचाई रे करम का लेख मिटे ना रे भाई

इस दुनिया में भाग्य के आगे चले ना किसी का उपाय
कागज़ हो तो सब कोई बांचे करम ना बांचा जाय
एक दिन इसी किस्मत के कारन बन को गए थे रघु राइ रे
करम का लेख मिटे ना रे भाई

कहे मनवा धीरज खोता कहे तू नाहक रोये
अपना सोचा कभी नहीं होता भाग्य करे तो होय
चाहे हो राजा चाहे भिखारी ठोकर सभी ने यहाँ खाई रे
करम का लेख मिटे ना रे भाई
कोई लाख करे चतुराई कर्म का लेख मिटे ना रे भाई
कर्म का लेख मिटे ना रे भाई

– प्रदीप

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