दूसरों का दुखड़ा दुर करनेवाले – दश्हरा (1956)

दूसरों का दुखड़ा दुर करनेवाले
तेरे दुःख दुर करेंगे राम
दूसरों का दुखड़ा दुर करनेवाले
तेरे दुःख दुर करेंगे राम

किये जा तू जग में भलाई का काम
तेरे दुःख दुर करेंगे राम

सत का है पथ ये धरम का मार्ग
संभल संभल कर चलना प्राणी
पग पग पर यहाँ रे कसौटी
कदम कदम पर क़ुरबानी
मगर तू डामाडोल ना होना
तेरी सब पीर हरेंगे राम
दूसरों का दुखड़ा दुर करनेवाले
तेरे दुःख दुर करेंगे राम
किये जा तू जग में भलाई का काम
तेरे दुःख दुर करेंगे राम

क्या तूने पाया क्या तूने खोया
क्या तेरा लाभ है क्या हानी
इकसा हिसाब करेगा वो इश्वर
तू क्यों फिकर करे रे प्राणी
तू बस अपना काम किये जा
तेरा भंडार भरेंगे राम
दूसरों का दुखड़ा दुर करनेवाले
तेरे दुःख दुर करेंगे राम
किये जा तू जग में भलाई का काम
तेरे दुःख दुर करेंगे राम

पोछ ले तू अपने आंसू तमाम
तेरे दुःख दुर करेंगे राम
तेरे दुःख दुर करेंगे राम
किये जा तू जग में भलाई का काम
तेरे दुःख दुर करेंगे राम

– प्रदीप

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