आडवाणी –राजनाथ वार्तालाप

आडवाणी –राजनाथ  वार्तालाप

 मोदी को बीजेपी का प्रधान मंत्री पद का उम्मीदवार बनाने का लेकर विचार,

बड़े खुश  होकर राजनाथ पहुंचे , आडवाणी जी के द्वार ,

पीए ने लाकर दिया संदेश ,आडवाणी साहब बेडरूम में कर रहे हैं विश्राम ,

राजनाथ करते रहे इंतज़ार , इसमे ही हो गई सुबह से शाम।

 

 

शाम को जब आडवाणी ने किया, मिलन कक्ष में प्रवेश ,

राजनाथ कांप उठे, देख कर उनका आवेश ,

कांपते हाथों को जोड़ते हुए बोले , प्रभुवर , प्रणाम ,

गुस्से में तमतमाए आडवाणी बोले , भुगतने होंगे तुम्हें परिणाम ।

 

किसलिए नाराज हो कहकर राजनाथ उनका करते है चरण स्पर्श,

झटककर पीछे हट जाते है आडवाणी , नहीं स्वीकारते है यह सम्मान सहर्ष ,

राजनाथ बोले, प्रभु नाराजगी का कारण तो जाहिर करो , ऐसी हुई क्या खता ,

आडवाणी बोले बड़े नादान बन रहे हो, जैसे तुम्हें नहीं कुछ पता ।

 

राजनाथ  बड़ा प्यार जताकर बोले मैं तो लेकर आया हूँ एक शुभ समाचार,

आडवाणी ने अनसुना कर, खिड़की से बाहर झाकने का किया प्रयास लगातार ,

राजनाथ बोले- मोदी को कल ही घोषित करना है PM पद का उम्मीदवार,

आपकी yes चाहिए, ताकि consensus बन जाए इस बार ।

 

यह सुनते ही आडवाणी का कठोर हृदय फटने लगा।

उनका मुंह गुस्से से लाल हो गया , आडवाणी बोले :

 

कर चुका हूँ इस बात से मैं पहले भी अनेक बार इंकार ,

मेरे जीते जी कैसे बन सकता है मोदी या कोई भी PM पद का उम्मीदवार ,

 

राजनाथ सिर झुका कर विनम्रता से बोले :

राम जन्म भूमि कि कसम, आप तो PM in waiting रह चुके हो बहुत बार,

इस बार मोदी को ही बनने दो PM पद का उम्मीदवार ,

कर दे कोई और फरमान आप, हमे है मंजूर,

इस निर्णय से डिगना, RSS को है नामंज़ूर ।

 

 

RSS का नाम सुनकर आडवाणी ऊपर से प्रेम दिखाकर हँसते हुए बोले:

मैंने तो पत्र लिख कर आपको जताया था अपना संशय ,

मोदी के साथ जुड़ा है 2002 का एक गंभीर विषय ,

समझ जाओ मेरे इशारे का तुम मतलब,

मेरी भी तो ambition अधूरी है अब तक ।

 

 

राजनाथ ने हँसकर कहा कि

अब मैं तुम्हारा मतलब समझा,

तुमने केवल खुद को ही इस काबिल है समझा,

प्रभु ,हम करते है आपका पूरा सम्मान ,

इसे छोड़कर, और चाहे कुछ भी कर दो फरमान ।

 

 

राजनाथ कि बाते सुनकर आडवाणी मन में बुरी तरह से क्रोधित हुए और बोले

क्या मैंने नहीं है RSS को अपने लहू से सींचा?,

क्या मैने नहीं है BPJ को अटल जी के संग आगे खींचा ?,

क्यों मेरी मांगे सुनते ही आपकी बदल जाती है सोच?,

क्यों मेरी आखिरी ख्वाइश पूरी करने में होता है संकोच?।

 

 

राजनाथ को,  प्रचंड क्रोध से जलते हुए आडवाणी, सामने इस प्रकार दिखाई पड़ी, मानो आग की लपटे हों, फिर भी  राजनाथ ने बड़ी हिम्मत करके, आडवाणी को मनाते हुये बोले-

पार्टी की नजर में तो आप हैं महान बुजुर्ग नेता

फिर भी मोदी ही बनवा सकता है पार्टी को चुनाव विजेता ,

क्रोध छोड़ दे और सपोर्ट करें , RSS कि यह trick,

क्योंकि ,मोदी के बिना BJP नहीं पायगी, चुनाव में टिक ।।

 

आडवाणी –राजनाथ  वार्तालाप

One Response

  1. jai 01/10/2013

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