फाड़ डालो ऐसा अध्यादेश:

 

फाड़ डालो ऐसा अध्यादेश:

 

भले ही देर से जागे, पर जागे तुम दुरुस्त,

ऐसे ही जागे रहो कभी न पडो तुम सुस्त।

 

सुप्रीम कोर्ट ने किया जब, दागी नेताओं को बाहर ,

मच गया सभी पॉलिटिकल पार्टियों में हाहाकार ,

फिर सभी पॉलिटिकल पार्टियों पर पड़ा दागी नेताओं का प्रेशर,

क्योंकि अपराधी नेताओं का तो होता ही है राजनीतिक  असर ।

 

शुरू हो गयी कवायद , कैसे  सुप्रीम कोर्ट के आदेश को करें बेअसर ,

संविधान संशोधन करे दें , यही एक रास्ता आया नेताओं को नजर ,

दागी नेता तो हर पार्टी में फैले पड़े हैं इधर उधर ,

उनकी सीट नहीं जानी चाहिए , इस बात को लेकर पड़ा प्रेशर।

 

Ruling पार्टी भी संविधान संशोधन , संसद में पेश करने को हो गयी तैयार ,

मुख्य विपक्षी पार्टी करती रही ,उस पर, अपनी ढुलमुल नीति से विचार,

दागी नेताओं का रुतबा इतना, किसकी मजाल पैदा करे अवरोध ,

हिम्मत नहीं जुटा पाई कोई भी पार्टी, करने की इस संशोधन का विरोध ।

 

सारा देश देख रहा था इन पार्टियों की यह अनैतिक दागी चाल ,

जनता जनार्दन के दिलों में तो आ रहा था रह रह कर  उबाल ,

क्या  पॉलिटिकल पार्टियों इस हद तक है नीचे गिर सकती ?

क्या खत्म हो गई है उनके अंदर आत्म मंथन की शक्ति? ।

 

जनता ने सोशल मीडिया पर करी अपने विचारों की अभिव्यक्ति ,

दागी नेताओं को बचाने के सरकारी प्रयास पर दर्ज कराई अपनी आपत्ति ,

धीरे धीरे टीवी और अखबार ने भी पहचाना आम आदमी के अंदर का जुनून ,

तब जाकर मुहिम चलाई कि, दागी नेताओं का बचाना है एक गलत कानून ।

 

तब मुख्य विपक्षी पार्टी ने सोचा होगा, बिल में मांग करते हैं कुछ फेर बदल,

चुनाव पास आ रहे है  ऐसा न हो जनता कर दे उनको बिलकुल बेदखल,

इसी विचार से अटकाया होगा राज्य सभा में दागी संविधान संशोधन बिल ,

अटकते ही बिल के , दागी नेताओं के दबाव से सरकार गयी  हिल।

 

सोचा सरकार ने, अध्यादेश लाकर बचाएं कुछ दागियों को तुरंत ,

नहीं तो उनकी सीट जाएगी और लगेगा 4400 वॉल्ट का करंट ,

जल्दी मसोदा बनाकर , भेजा राष्ट्रपति के पास पारित होने अध्यादेश,

राष्ट्रपति ने धैर्य रखकर भेजा होगा कोई उचित नैतिक संदेश ।

 

जनता , सोशल मीडिया का बढ़ा जब चारों ओर से प्रेशर,

साथ में राष्ट्रपति शायद करने वाले होंगे इसे वापस रेफर,

सोच कर कि ,2014 के चुनाव में पब्लिक में क्या जाएगा क्या संदेश ,

ऐन वक्त पर जागे युवराज , आवेश में कहा फाड़ डालो ऐसा अध्यादेश।

 

दागी नेताओं को बंधी थी बड़ी आस ,

कह डाला युवराज ने अध्यादेश को निरा बकवास ,

भले ही देर से जागे, पर जागे दुरुस्त,

ऐसे ही जागे रहो कभी न पडो तुम सुस्त।   

करते रहो इसी प्रकार का intervention,

तभी तो पूरी कर पाओगे देश के युवाओं कि aspiration॰

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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