जीना भी चाहता हूं

जीना भी चाहता हूं , पीना भी चाहता हु

थोडा इस महफिल में झुमना भी चाहता हु

चाहता हु थोडा जाम और मगर

थोडा तेरे दर्द को भुलना भी चाहता हु

 

 

कवि
…………..अजय कुमार बनास्‍या

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