मेरे गीत से पहले

मेरे गीत से पहले हजारों दर्द हैं जागे |
मिलन की राह में जैसे मिले बेदर्द हो आगे ||

भ्रमर कितने कवँल दल कैद होकर प्राण को त्यागे ?
कवँल की दृष्टि में कोई नहीं है सूर्य के आगे ||
भ्रमर इन्साफ जो मांगे तो क्या ऐसा भी हो सकता ?
झुलस जाए कवँल दल भी जलती धूप के आगे ||
मेरे गीत से पहले …………………मिले बेदर्द हो आगे ||

सोना तो कीमती है पत्थर मणि सरिस लागे |
चमक दौलत की देखी तो तुम निकले सब से ही आगे ||
आह से स्वर्ण जलता है सुर से पत्थर पिघलता है |
न तुम हनुमान से आगे न हो तानसेन के आगे ||
मेरे गीत से पहले …………………मिले बेदर्द हो आगे ||

बहुत कमजोर होते है ये झूठे प्रेम के धागे |
कलाकारों की वाणी में कला है प्रेम से आगे ||
जो दशरथ का अभिनय कर विरह में प्राण खोता है |
वही रावण बना जब तो लड़ा फिर राम के आगे ||
मेरे गीत से पहले …………………मिले बेदर्द हो आगे ||

खुशबू सूंघकर गुल की भ्रमर क्यूँ मचल कर भागे ?
भ्रमर लाचार है दिल से रस मकरंद के आगे ||
भ्रमर को दोष कैसे दे भ्रमर भी गुनगुनाता है |
गुल तो है बिना दिल के भ्रमर संगीत के आगे ||
मेरे गीत से पहले …………………मिले बेदर्द हो आगे ||

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