क्यू?

कुछ राज़ है जिन्हें  सीने में छिपा लिया था

गर्म सांसे बर्फ से जिस्म में दबा लिया था

मुर्दा जान ,, हर रिवायत को निभा लिया था

इस लाश में ज़िंदगी का  कतरा चिपा लिया था

वक्त से  फिर क्यू कुछ वक्त चुरा लिया था??

हमने सय्याद को अपना मसीहा बना लिया था

थी तो अदना सी कागज कि कश्ती  मेरी

सैलाबो में बाव्ररे मन ने जिसे तेरा दिया था

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