हम मर मिटे है आप

हम मर मिटे है आप पर जान बचाइए
यूँ सब्र आप मेरा न आजमाईये

आप भी मेरी तरह तनहा है अगर
हाथ मेरा थाम लो हो जाओ हमसफ़र

फेली है बाहे मेरी आकाश की तरह
आके आप रहिये चाँद की तरह

नजर लगे न आपको किसी हाल मे
रखेंगे हम आपको को ऐसे संभाल के

……………………..अजय डबराल

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