गजल

टुटनें के समय दिल ने इक आह भरी होगी |
तुमने न सुना होगा अनसुनी करी होगी ||
हसीं ख्वाब कोई होगा दिल ख़ुशी भरी होगी |
आगाज दर्द का था आवाज बुरी होगी ||
टुटने समय ……………….अनसुनी करी होगी ||

सुर शील साधना में लय ताल खिली होगी |
गोस्वामी गीत जैसी कोई चाल मिली होगी ||
किसी अच्छे ऐक्टर की फ़रियाद फली होगी |
शायर की शायरी में दिल खाक मिली होगी ||
टुटनें के समय ……………….अनसुनी करी होगी ||

ये शौक उचाई का भी गर्व कली होगी |
बादल की उचाई भी वर्षा में ढली होगी ||
छोड़ा जो समंदर को क्या हसीं खिली होगी |
वो बादल जल वर्षा सागर में मिली होगी ||
टुटनें के समय ……………….अनसुनी करी होगी ||

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