मिशन के ठीकेदार

ये वतन के रखवालो,
सुनो मिशन के ठीकेदार।
यहां हो रहा कैसा आज,
संसकृति बचाने की लगी,
खुल्लम खुल्ला बाजार॥
हर ब्यक्ति चाहता बस,
एक मिशन हो पास।
समाज में कुरीतिया भला,
लोग फैला रहे है आज?
जरा सोचो कब सोचोगे,
सुधरो कब सुधरोगे।
बसुन्धरा पर जब चारो तरफ ।
बिखरी देखोगे लाश?~~ ~~

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