आज का डॉक्टर

आज का डॉक्टर

 

मानवता की सेवा करेंगे , दीन -दुखियों की पूरी करेंगे आस ,

यह शपथ लेकर करता है बंदा डाक्टरी  पास ,

कितने सालों की कठिन तपस्या के बाद trained होता है एक surgeon,

समाज में ईश्वर स्वरूप ख्याति और सम्मान करता है वो अर्जन ।

 

डॉक्टर के इलाज से अच्छे हो जाते है जब patient,

हाथ जोड़कर सिर झुकाते  है तब वो innocent,

ऐसा respect पाने को हर मनुष्य तरसता ,

मानवता के इन सेवकों के आगे तो बस शुभ आशीष बरसता ।

 

मौत से लड़ रहा हो जब कैंसर से पीड़ित इन्सान,

उससे पूछो , डॉक्टर है उसके लिए भगवान ,

जब समझ नहीं आता है बीमारी का कारण ,

उचित दवाई देकर डॉक्टर ही करते है निवारण ।

 

Operation Theatre में बेबस होता है जब मरीज,

Surgeon ही नजर आता है तब उसे दुनिया की सबसे अहम चीज,

OT के बाहर खड़े रिशतेदारों के चेहरे पर छाई रहती है घबराहट,

हर पदचाप को समझते है डॉक्टर के आने की आहट।

 

 

देखो, इन लोगों को समाज देता है कितना सम्मान ,

भूले से भी कभी नहीं कोई करता है इन का अपमान ,

आज कल लेकिन, दिख रहा है कुछ बदला बदला सा trend,

आज के डॉक्टर नहीं दिखाई पड़ते, जैसे हों मानवता के friend ॰

 

बात है बड़ी चुभने वाली और कहने में भी लग रहा है संकोच ,

पेशे में घुस गए है कुछ डॉक्टर, लेकर अलग ही एक सोच ,

भूल गए है वो  डाक्टरी की शपथ ,

अपना लिया है उन्होने अलग ही पथ।

 

कैसी पैदा हो गई है मेडिकल प्रॉफ़ेशन में एक नई breed,

सेवा भाव भूल पैसे के लिए बढ़ती जा रही है उनकी greed,

पैसा कमा कमा कर पूरी करने में लगे है अपने हॉस्पिटल की need,

Patient करता रहे चाहे कितना भी उनके आगे plead॰

 

एक जमाना था नाड़ी देख कर बीमारी बता देते थे clear,

ऐसे वैध तो अब हो गए है disappear,

अब तो बात बात पर लिख देते है लंबे लंबे test,

फिर तो चक्रव्यूह में फंसा मरीज कर नहीं पाता rest॰

 

पेट काट काट कर गरीब करता है पैसे का जुगाड़ ,

डॉक्टर तो लगा देता टेस्ट पर टेस्ट की बाढ़ ,

एक टेस्ट मे कुछ नहीं मिला तो दूसरा और तीसरा ,

इस प्रकार मरीज का कर देता है वो चौथा ।

 

अब जरा आज के डॉक्टर की सुनो कहानी ,वहाँ क्या है scene

बैंक से लोन लेकर import की है यह आधुनिक machine,

सारा जमा पूंजी खर्च करके इकट्ठी की है यह capital,

बाप दादाओं की जमीन जायदाद बेचकर खड़ा किया है यह hospital॰

 

तीन साल लगातार PMT की थी मैंने preparation,

मन में हो गया था बहुत desperation,

अब यही आस बची थी कि, दे दो बापू  donation,

इज्ज़त रख ली भगवान ने , 3rd टाइम में हो गया admission॰

 

जिसको आप लालच कहते हो वो है मेरी मजबूरी ,

नहीं तो कैसे होगी बैंक की किश्तें पूरी ,

मानवता की सेवा के लिए तो बने है सरकारी अस्पताल ,

जरा वहाँ चलकर भी करो जांच पड़ताल ।

 

उनके कहने पर रुख किया हमने सरकारी अस्पताल ,

पाया डॉक्टर नदारद , मरीज बेहाल ,

चपरासी  लगा रहे थे injection,

जगह जगह मुंह बाए खड़ा था infection॰

 

Dispensary में दवाइयाँ पाई गई खत्म,

कोई जिम्मेदार व्यक्ति न मिला, जिससे बात करते हम ,

लगता ही नहीं था कि यह भी है कोई अस्पताल ,

गंदगी के मारे चारो तरफ था बुरा हाल ।

 

सरकार कहती हमने दिया है करोड़ों रु का अनुदान ,

राम जाने, किस मोड़ पर हो जाता है उसका बलिदान ,

इसमें व्याप्त भ्रष्टाचार ने ले ली होगी कई मरीजों की जान ,

फिर भी नारा लगाते रहो , मेरा भारत महान ।

 

Private ओर सरकारी दोनों अस्पतालों की सुन ली तुमने कथा,

दो पाटन के बीच पिसा है मरीज , किसे सुनाये अपनी व्यथा ,

कभी इधर, कभी उधर , फिरता है हिरण की तरह मारा मारा ,

अस्पतालों के चक्कर लगाता लगाता थक गया है बेचारा, किस्मत का मारा ।।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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