आज का शिक्षक

आज का शिक्षक

 

एक जमाना था जब होता था इन का बड़ा ही आदर ,

नालंदा से तक्षिला तक फैली थी इनकी कीर्ति बराबर ,

सुदूर देश से पढ़ने आते थे विद्यार्थी  सुनकर  इनका नाम ,

गुरुकुल में रहकर चिंतन करते और गुरुसेवा करते निष्काम ।

 

चन्द्रगुप्त को चाणक्य ने तराशा और बनाया महाराज ,

अर्जुन को द्रोणाचार्य ने बनाया सबसे बड़ा तीरंदाज ,

बिना गुरु के शिष्यों को नहीं मिलता है दिशा ज्ञान ,

सच्चा गुरु मिल जाए तो बन जाओ तुम देश की शान ।

 

यह तो था हमारे देश का गौरवशाली इतिहास ,

आजकल तो प्राचीन पद्धति का होता है उपहास,

वक्त के साथ गुरु चेले के बदल गए है संबंध ,

कक्षा मे बैठा बैठा चेला, गुरु पर लिख रहा है हास्य निबंध ।

 

कोई पढ़ने तो जाते नहीं  है कॉलेज ,

कैसे प्राप्त होगी फिर इनको नालेज ,

कालेज में तो है फ़ैशन का बोलबाला ,

काला चश्मा,जीन्स,टॉप पहनकर घूमती सुंदर बाला ।

 

जो कुछ बालक चाहते भी हों लगाना पढ़ाई में ध्यान ,

उनको करते है बाकी सब परेशान ,

शिक्षक भी आजकल के हो गए हैं गुरु घंटाल ,

पढ़ाई लिखाई की बातों को देते है हंस के टाल।

 

मास्टर जी का दिल है बड़ा सच्चा ?

ढूंढता  रहता है हर समय , ट्यूशन पढ़ने वाला बच्चा ,

ट्यूशन  पढ़ोगे तो परीक्षा में करा देंगे पास ,

पढ़ाने, लिखाने की तो कभी मत करना उनसे आस ।

 

आजकल तो शिक्षा हो गयी है एक धन्धा,

जगह जगह दुकान खोलकर बैठा है अक्ल का अन्धा,

कोचिंग सेंटरों पर है स्कूल से ज्यादा crowd,

घर घर का बालक वहाँ जाकर feel करता है proud

 

आजका शिक्षक तो बन गया है व्यापारी ,

ज़ोर शोर से चल रही है उसकी दुकानदारी ,

माँ बाप क्या करें उनकी भी है बड़ी मजबूरी ,

पेट काट काट के करते है ट्यूशन फीस पूरी ।

 

क्या एक दिन फिर से ऐसा आयेगा ,

गुरु शिष्य का रिश्ता द्रोण–अर्जुन जैसा हो पाएगा ,

तभी हमारा समाज सुधर पाएगा ,

भारत देश प्रगति की दिशा में कदम बढ़ाएगा ।।

 

    

  

 

2 Comments

  1. xyz 19/04/2015
  2. GPA Calculator 29/04/2017

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