क्या प्यार हो गया है

गीत

दिन गुजरती नही रातें सम्भलती नही
जमी नही पाव मे क्या प्यार हो गया है

नजरों मे खुमार है दिल क्यो बेकरार है
जैसे इन्तजार है क्या प्यार हो गया है

आखें नमी नमी है होठों मे फिर भी हँसि है
जागते देखु मै सपने क्या प्यार हो गया है

जी कही न लगता खुश्बु उसि कि महकता
बातें करु अकेले क्या प्यार हो गया है

न भूक कि फिकर है न प्यास कि फिकर है
अरमान है उसी कि क्या प्यार हो गया है

हरि पौडेल

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