शायरी

सब कछ् अपना निसार कर दिया उन्हे फिर भी वो अपने ना हुए,
फिर भी तुम अकेलेपन से डरते हो,जिन्दगी भर के झूठे साथ के दर्द मे क्या रखा है !!
उन्ही यादों ने रुलाया बहुत कभी हंसाया था जिन्होनें,
फिर भी तुम बेगानों से त्रस्त हो, दिल तोड् के जाने वाले अपनो मे क्या रखा है !!

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