जब लोहा गर्म हो

जब लोहा गर्म हो तो चोट चाहिए |
मार्ग में पहाड़ हो तो बिस्फोट चाहिए ||
डसा हो जिसे बिषधर बिषैले सर्प ने |
उसे मीठी दवा नहीं बिष का एक घूट चाहिए ||

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