विडम्बना

जी मेरे पति साइंटिस्ट और बेटा डॉक्टर है ,
कौन मैं ? नहीं मैं कुछ नहीं करती हूँ
हर नए आगंतुक को मैं अपना इंट्रोडक्शन
कुछ इस तरह सकुचा कर देती हूँ
वो अलग बात है कि
पच्चीस साल में
तिनका तिनका करके इस घर को सजाया है
रात दिन जाग कर हर इच्छा को मार कर
इक मासूम से बच्चे को एक परिपक्व जिम्मेवार डॉक्टर बनाया है
उन दोनों के स्टेटस से मेरा स्टेटस बढ़ जाता है
उन दोनों की उपलब्धि पर मेरा चेहरा खिल जाता है
उनकी छोटी सी उलझन नींद मेरी ले जाती है
मैने क्या कुछ गलत किया
ये चिंता सताती है
टिफ़िन में क्या देना है डिनर में क्या खायेंगे
कांफेर्रेंस में क्या पहनेगे टूर में क्या ले जायेंगे
किसका स्वेटर से चलेगा किसका कोट जरुरी है
ये सब सो कॉल्ड फालतू बातें डिस्कस करना मेरी मज़बूरी है
दोनों के बिजी शेडूल में ऐसे टॉपिक जब मैं उठाती हूँ
सच मानिए अक्सर अक्सर दोनों से डांट मैं खाती हूँ
और भी कितने काम हैं ऐसे
लिख कर क्या बताना है
एक गृहणी क्या क्या करती है
कब इससे अनजान जमाना है
पर इतना थैंक लेस जॉब है ये
जिसे जॉब नहीं समझा जाता
जिसके बदले में औरत को
कुछ भी नहीं दिया जाता
ये सिर्फ मेरी नहीं हर उस गृहणी की कहानी है
जिसने इस देश के कर्णधारों को बनाया है
हर इंजिनियर डॉक्टर साइंटिस्ट और आई ए एस को
ए बी सी डी लिखना सिखाया है
पर अपना इंट्रोडक्शन वो सकुचा कर हीं देती है
जी मैं कुछ नहीं करती
कौन है इसके लिए जिम्मेवार
ये आपको बताना है

——————————————-रंजना

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