ज़िंदगी में

कभी तो बन कर आ जाओ ना मेहमान – ज़िंदगी में I
कुछ न बचेगा प्यार के सिवा मेरी जान – ज़िंदगी में I
बड़ी मुश्किलों से मिलती है कोई पहचान – ज़िंदगी में I
खो न देना अपने हंसी चेहरे की मुस्कान – ज़िंदगी में II

दोस्ती का दम भरेंगे, दुश्मनी का जाल बिछाकर ये बैरी,
पल पल, पग पग मिलेंगे तुम्हे शैतान – ज़िंदगी में I

कौन करता याद उस नीली छतरी वाले को जनाब,
जो हो जाते हुजूर सभी के पुरे अरमान – ज़िंदगी में I

हम तो कलम के हैं सिपाही सच की भाषा बोलेंगे,
माँ शारदे का मिला है यही तो वरदान – ज़िंदगी में I

ये मक्कारी, शानो-शौकत, ये तेरा-मेरा, जैसे भी हो,
हर कोई चाहता है, एक मुट्ठी आसमान – ज़िंदगी में I

रास्ते कठिन हैं तो क्या, हिम्मत करो आगे बढ़ो,
ज़िंदगी को न समझो यूँ ही आसान – ज़िंदगी में I

बातों को दिल से लगाना छोड़ो, जी लो ख़ुशी से,
मत हुआ करो छोटी-छोटी बातों से परेशान – ज़िंदगी में I

लम्बी है कहानी प्यार की, जो मिलोगे सुनायेंगे कभी,
बनती बिगड़ती रहती हैं तकदीरों की दास्तान – ज़िंदगी में I

ज़िंदगी से खफा खफा रहते हो क्यूँ इस कदर तुम,
मौत कर देगी आकर किसी भी दिन हैरान – ज़िंदगी में I

हौंसला, इमानदारी, कोशिश, सच्चाई, प्यार, वफ़ा, विश्वास,
यही तो हैं कुछ चीज़ें जो बनायेंगी तुम्हें इंसान – ज़िंदगी में I

मेहरबानियों को भूल जाना बन चुकी है फितरत हमारी,
याद रखना छोटे से छोटा कर्जा ओर एहसान – ज़िंदगी में I

इज्ज़त देना दूसरों को दुगनी जितनी चाहते हो अपने लिए,
फिर देखना कैसे मिलता है तुम्हे मान-सम्मान – ज़िंदगी में I

जो बांधते रहते हैं पुल तारीफों के तुम्हारी, मिलना जरुर उनसे,
बहुत कम रह गए हैं अब तो दुनिया में असली कद्रदान – ज़िंदगी में I

इश्क, मोहब्बत प्यार करना बेशक, मगर दगाबाजी नहीं,
क्यूंकि ज़फायें दे जाती हैं अक्सर गहरे निशान – ज़िंदगी में

कभी जो हों परिस्थितियां विपरीत तो घबराना नहीं “चरन”
हर रात के बाद आता जरुर है एक नया विहान – ज़िंदगी में II
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गुरचरन मेहता                 (विहान – सवेरा)

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