शायरी

दर्द का हमसे एक रिश्ता गहरा था,
वो जिसे समझा था अपना, वो मेरा सपना था !!
राहों की तन्हाई का गम नही,
पर जिसने वो राहे तन्हा की वो कोई गैर नही मेरा अपना था !!

2 Comments

  1. Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 09/09/2013
    • Muskaan 09/09/2013

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