15 अगस्त-स्वतन्त्रता दिवस

 

15 अगस्तस्वतन्त्रता दिवस

 

 

भारत  देश   के महापुरुषों   का  था  यह   कहना ,

देश को आगे बढ़ाना , दुश्मन की तिरछी नजर से बचाना ,

1857  में  रानी   झाँसी ने   जब खींची थी अपनी  तलवार ,

Declare   गयी   थी  भारत की आज़ादी की पहली  WAR,

ईस्ट  इंडिया  कंपनी  की ,   नीव  गयी  थी  हिल ,

ठुक जो चुकी थी उसमे ,  आज़ादी की पहली  कील

 

भगत सिंह , राजगुरु , आज़ाद जैसे शहीदों ने दिया अपना बलिदान ,

ऐसे  वीरों  की   कुर्बानी  से ही  बना है  अपना   देश   महान,

जालियाँ  वाला  में   चली  थी  निहत्थों  पर   गोलियां ,

बैशाखी के पवित्र दिन अंग्रेजों ने बहायी थी खून की नदियां ,

गोल  मेज  सम्मेलन  मे  जब  गए  थे हमारे  गांधी  संत ,

आभास हो गया था , अँग्रेजी हुकुमत का जल्द ही होने वाला है अंत ।

 

गस्त  1942  में   गांधी  जी ने  दिया  था  देश  को नया  नारा ,

अंग्रेज़ो  भारत  छोडो  की  गूंज से  जग  गया  था   देश  सारा,

15 अगस्त  1947  को  तिरंगे  ने  जब  शोभित  किया  लालकिला,

अपना  देश  आज़ाद  हुआ की लहर से , गुलशन गुलशन फूल खिला

 

 

आजादी तो मिल गयी ,पर छोटी छोटी रियासतों में बिखरा पड़ा थे देश,

सरदार  पटेल  ने  मुहिम  चलायी,  दिया  सभी  राजाओं को  आदेश,

Union of India  मे   मिल   जाओ ,  सब  मिलकर  आगे  बढ़ाएँगे देश,

नहीं  तो  Military   भेज कर काबू करेंगे, जो  भी  करेगा  कलेश,

एकीकृत  होकर  देश का  विकास  करेंगे , बिना  किसी  राग द्धेष

 

 

Political liberty मिल,   पानी थी अभी आर्थि Freedom,

पाँच वर्षीय  योजनाओं  द्वारा  भरा गया इस  उद्धेश्य  में  दम,

देश  ने की  तरक्की   और  बढ़ते  गए  सब  के   कदम ,

भारत के  Engineers  और  डॉक्टरों ने लहराया विदेश मे परचम ।  

 

कैसा  है  यह  संयोग ,  विदेशों  में  भी  फैला  भारत  का  योग,

पर अभी करना है हमें ,अपने  Natural Resources  का सदुपयोग ,

धीरे  धीरे  घटता  जा रहा  है  हमारे  देश  का   Green  Cover,

पेड़ पोधों को नहीं बचाया तो  Future Generations करेंगी   Suffer,

प्रदूषण  से  सांस  लेना  होता  जा  रहा  है  दुभर,

लगातार   नष्ट  होती  जा रही है   Ozone Layer,

दिन प्रतिदिन घटती जा रही है Water Table,

Rain harvesting करो तभी तो हो पाएगी Stable.

 

 

आजादी का celebration तो अवश्य मनाना,

पर खुद से भी है हर नागरिक को एक वादा  कराना ,

हमें अपने  सामाजिक दायित्वों को भी है निभाना,

इसके लिए हम करेंगे नहीं कोई भी  बहाना ,

देश की आर्थिक प्रगति को भी है आगे बढ़ाना ,

सर्वोपरि है देश को दुश्मन की तिरछी नजर से बचाना 

 

जय हिन्द  ।

वंदे मातरम  ।

 

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