शायरी

कोशिश करें कि बस मुस्कुरतें रहें,
गम को भी हँसना सिखाते रहें,
जब भी किसी अल्फाज़ में आए जिक्र हमारी भूल से,
तो हमें भी आजमाते रहें, खुद भी शरमाते रहें.
                          :-सुहानता ‘शिकन’

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