राईट टू रिजेक्ट

राईट टू रिजेक्ट

कांग्रेस भाजपा सपा बसपा राजद जद

राष्ट्रहित से ऊपर हो गया पार्टियों का कद

जनमानस-सुप्रिम कोर्ट का प्रयास हुआ असफल

दागी-बाहुबलियों के साथ हो लिये सभी दल

निजी स्वार्थों के लिए सब हो गए एक परिवेश में

धनबल घोटालों की महिमा हो गई इस देश में

राजनीति के दलदल से नेक और सेवाभावी हो रहे दूर

घोटालेबाज-दागी-बाहुबलियों को सहने को है देश मजबूर

हर देशवासी बने अन्ना, दूर हो देश की मजबूरी

दागदार हो तार-तार, “राईट टू रिजेक्ट” है जरूरी

-“गोपी”

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